मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि इस वर्ष दशमी तिथि 5 अक्टूबर, 2022 को पड़ रही है। ऐसे में इसी दिन देश भर में रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा।।

देश भर में इस उत्सव को स्थानीय परंपराओं के अनुसार धूम धाम से मनाया जाता है। लोग एक दूसरे के साथ दशहरा पर्व की खुशियां बांटते हैं।

दोस्तों, आपको बता दें कि दशहरे के शुभ अवसर पर लोग अपने मित्रों, रिश्तेदारों एवं परिवार के सदस्यों को शुभकामना संदेश भेजते हैं। उनके जीवन से बुराई के खात्मे एवं अच्छाई के प्रसार की कामना करते हैं।

हमारे देश भारत में सबसे अधिक प्रसिद्ध कुल्लू का दशहरा है। इस दशहरे की खासियत यह है कि जब पूरे देश में दशहरा खत्‍म हो जाता है तब यहां शुरू होता है।

इसके साथ ही देश के बाकी हिस्‍सों की तरह यहां दशहरा पर्व पय रावण, मेघनाथ एवं कुंभकर्ण के पुतलों का दहन नहीं किया जाता। शायद पता होगा कि कुल्लू हिमाचल प्रदेश में स्थित है।

इस दशहरे को देखने के लिए देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से दर्शक इकट्ठा होते हैं। करीब दस दिन पहले से ही यहां दशहरा की तैयारी शुरू हो जाती है। पुरुष और महिलाएं सभी नए नए और सुंदर वस्त्र धारण करते हैं।

इसके पश्चात, जिसके पास जो भी वाद्य होता है, जैसे- बिगुल, तुरही, ढोल, नगाड़े, बांसुरी आदि, वे उसे लेकर निकल पड़ते हैं। स्थानीय लोग अपने ग्रामीण देवता का धूम धाम से जुलूस निकालते हैं और उनका पूजन करते हैं।

बताया जाता है कि रावण के पिता विश्रवा बिसरख में रहते थे। यहीं रावण का जन्म हुआ था। यहां के लोग रावण को बेटा मानते थे। इसलिए यहां दशहरा पर्व नहीं मनाया जाता।

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