हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं एवं 6 साल से कम आयु के किशोर तथा किशोरियों के पोषण के लिए नागरिकों को जागरूक करने हेतु महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा एक माह चलने वाले राष्टीय पोषण अभियान के तहत 5वां राष्ट्रीय पोषण माह को आरंभ कर दिया गया है।

जिसके अंतर्गत गांव की गर्भवती एवं दूध पिलाने वाली महिलाओं, 6 साल से कम आयु के बच्चों और किशोरियों की शिक्षा की ओर विशेष ध्यान तथा उन्हें पोषण के प्रति जागरूक किया जाएगा। 

ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण की ओर अधिक ध्यान दे।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से पंचायत स्तर पर लोगो को जागरूकता करने के लिए ग्राम पंचायतों को पोषण पंचायतों के रूप में जोड़ा जाएगा।

Rashtriya Poshan Maah 2022 के अंर्तगत सभी गतिविधियां स्थानीय कार्यकर्ताओं जैसे- पंचायत समितियां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम नर्सों आदि के माध्यम से संचालित की जाएंगी।

इसका लाभ 1 सितंबर से लेकर 30 सितंबर 2022 तक ग्राम पंचायतों की गर्भवती एवं दूध पिलाने वाली माताओं के अतिरिक्त 6 साल से कम आयु के बच्चों एवं किशोरियों को मिलेगा।

आम लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित करके एवं शिविर लगाकर पोषण के महत्व के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं एवं 6 साल से कम आयु के किशोर तथा किशोरियों के पोषण के लिए नागरिकों को जागरूक करने हेतु महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा एक माह चलने वाले राष्टीय पोषण अभियान के तहत 5वां राष्ट्रीय पोषण माह को आरंभ कर दिया गया है।

हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं एवं 6 साल से कम आयु के किशोर तथा किशोरियों के पोषण के लिए नागरिकों को जागरूक करने हेतु महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा एक माह चलने वाले राष्टीय पोषण अभियान के तहत 5वां राष्ट्रीय पोषण माह को आरंभ कर दिया गया है।