SAD SHAYARI

*वक़ील की जिंदगी के भी अजीब फ़साने है* *यहां तीर भी

*वक़ील की जिंदगी के भी अजीब फ़साने है*
*यहां तीर भी चलाने है और परिंदे भी बचाने है।*

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